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केंद्र सरकार ने गेहूं की बढ़ती कीमतों को देखते हुए इसके निर्यात को नियंत्रित करने का निर्णय लिया

केन्द्र ने कहा है कि गेहूं की बढ़ती कीमतों को देखते हुए इसके निर्यात को नियंत्रित करने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने आश्वस्त किया है कि देश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली-पीडीएस सुचारू रूप से काम करती रहेगी। 

खाद्य और उपभोक्ता मामले सचिव सुधांशु पांडेय ने आज नई दिल्ली में कहा कि पीडीएस व्यवस्था देश के खाद्य सुरक्षा और संरक्षा नेटवर्क का आधार है। इसके अन्तर्गत लगभग 81 करोड़ 35 लाख लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गेहूं के मूल्य में वृद्धि के बावजूद पीडीएस व्यवस्था सुचारू रूप से जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि भारत को छोड़कर अन्य सभी देश करीब चार सौ पचास से चार सौ अस्सी डॉलर प्रति टन के हिसाब से गेहूं की बिक्री कर रहे हैं।


उन्होंने कहा कि इस साल भारत में गेहूं का शुरुआती भंडार 190 लाख टन था जो पिछले साल के शुरुआती भंडार से 273 लाख टन से कम है। श्री पांडेय ने बताया कि पिछले वर्ष 433 लाख टन गेहूँ की खरीद हुई थी। इस वर्ष 444 लाख टन गेहूं की खरीद होने का अनुमान था, लेकिन अभी तक लगभग 180 लाख टन गेहूं की खरीद हुई है।

इंडोनेशिया पाम ऑयल के निर्यात पर प्रतिबंध लगायेगा

हाल ही में इंडोनेशिया ने घोषणा की है कि वह कुकिंग आयल की घरेलू कमी को कम करने के लिए पाम आयल और इसके कच्चे माल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाएगा।


इंडोनेशिया पाम तेल का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक, निर्यातक और उपभोक्ता देश है।

भारत पाम तेल का सबसे बड़ा आयातक देश है।


इंडोनेशिया 

इंडोनेशिया की वर्तमान राजधानी जकार्ता है, हालाँकि इसे बोर्नियो स्थानांतरित करने की बात चल रही है। जहां के राष्ट्रपति जोको विडोडो है। यहां की मुद्रा इंडोनेशियाई रुपिया है।

सरकार ने सोया पर 30 जून, 2022 तक की अवधि के लिए भंडार सीमा तय की

 केंद्र सरकार ने एक आदेश जारी किया है कि सोया से बने खाद्य पदार्थ की घरेलू कीमतों को कम करने के लिए सोया पर 30 जून, 2022 तक की अवधि के लिए भंडार सीमा तय कर दी है। सोया भंडार नियंत्रण आदेश तत्काल प्रभाव से जारी किया गया है।



उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बताया कि इस आदेश के तहत पशुपालन और डेयरी विभाग के परामर्श से स्टॉक की सीमा तय की गई है। 

केंद्र ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की अनुसूची में संशोधन करके 30 जून, 2022 तक 'सोया खाद्य उत्पाद' को आवश्यक वस्तु के रूप में घोषित करने के लिए वस्तु अधिनियम के तहत एक आदेश अधिसूचित किया है। 

इस निर्णय से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सोया खाद्य उत्पाद और वितरण को विनियमित करने और बाजार में इस वस्तु की बिक्री और उपलब्धता को सरल बनाया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2022 सत्र के लिए नारियल के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढाने की मंजूरी दे दी है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2022 सत्र के लिए नारियल के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढाने की मंजूरी दे दी है। 



सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि उचित औसत गुणवत्ता वाले नारियल यानि मिलिंग खोपरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल दस हजार तीन सौ 35 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार पांच सौ 90 रुपये कर दिया गया है। 

पूजा आदि के लिए इस्तेमाल होने वाले नारियल यानि बॉल खोपरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 10 हजार छह सौ रुपये से बढाकर 11 हजार रुपये कर दिया गया है।

यह फैसला कृषि लागत और मूल्य आयोग की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। 

इससे किसानों का मुनाफा कम से कम 50 प्रतिशत सुनिश्चित होगा। वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण और प्रगतिशील कदम है।

 नारियल उत्पादक राज्यों में भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारिता विपणन परिसंघ लिमिटेड और भारतीय राष्ट्रीय सहकारिता उपभोक्ता परिसंघ लिमिटेड, न्यूनतम समर्थन मूल्य कार्य-कलापों के लिए एक केंद्रीय नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करते रहेंगे।

वाराणसी क्षेत्र से चावल के निर्यात के लिए APEDA ने देश के प्रमुख निर्यातकों के साथ समन्वय किया

चंदौली को गैर-बासमती चावल के उच्च उत्पादन के कारण उत्तर प्रदेश का 'धान का कटोरा' कहा जाता है।

वाराणसी क्षेत्र में चावल के निर्यात की संभावनाओं को देखते हुए APEDA ने देश के प्रमुख निर्यातकों के साथ समन्वय किया है।

वाराणसी क्षेत्र से चावल के निर्यात में वृद्धि के लिए APEDA कार्य योजना तैयार करेगा।

इस योजना का उद्देश्य सभी संबंधित हित धारकों को लक्ष्य प्राप्ति के लिए समयबद्ध तरीके से आवश्यक कार्यवाही करने में सक्षम बनाना है।

Agricultural and processed food products export Development Authority (APEDA) भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन एक सांविधिक निकाय है।

कर्नाटक और आंध्रप्रदेश सरकार ने नबालिकों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लागया

हाल ही में कर्नाटक और आंध्रप्रदेश सरकार ने नबालिकों की सुरक्षा और हितों को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। ...