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मिलिए आईआईटी ग्रेजुएट आईएएस अनन्या दास से जिन्होंने पहले प्रयास में यूपीएससी सीएसई में सफलता हासिल की

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में उज्ज्वल भविष्य होने के बावजूद अनन्या दास ने देश और इसके लोगों की सेवा करने की अधिक इच्छा महसूस की।



हर साल, हजारों उम्मीदवार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देने के लिए आवेदन करते हैं, जो अपनी सख्त चयन प्रक्रिया के लिए प्रसिद्ध है।  केवल कुछ ही उम्मीदवार आवेदकों के विशाल समुद्र को पार कर पाते हैं और सिविल अधिकारी के रूप में काम करने की अपनी आकांक्षाओं को पूरा कर पाते हैं।  आईएएस अनन्या दास एक ऐसी असाधारण उपलब्धि हासिल करने वाली महिला हैं जिनकी यात्रा भक्ति, प्रतिभा और दृढ़ता का एक ज्वलंत उदाहरण है।

अनन्या दास का जन्म 15 मई 1992 को हुआ था और वह उड़िया मूल की हैं।  उनके पिता बैंक ऑफ इंडिया में काम करते थे लेकिन वर्तमान में सेवानिवृत्त हैं।

उन्होंने कम उम्र में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रतिभा दिखाई और सीखने के प्रति उनके प्यार ने उन्हें प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने में मदद की।

आईएएस अनन्या दास ने पहले ही प्रयास में यूपीएससी सीएसई में सफलता हासिल की और एआईआर 16 हासिल की।

बीटेक पूरा करने के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए एक बहुराष्ट्रीय निगम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करना शुरू कर दिया।

अनन्या 2015 गुजरात कैडर की आईएएस अधिकारी हैं।  वह उस साल यूपीएससी सीएसई में स्टेट टॉपर थीं।  वह पहले कटक नगर निगम के आयुक्त के रूप में कार्यरत थीं।

वर्तमान में, अनन्या संबलपुर के कलेक्टर और डीएम के रूप में कार्यरत हैं।  अनन्या की शादी 2014 में आईएएस अधिकारी चंचल रान से हुई थी। उन्होंने पहले आईएएस अब्दाल अख्तर से शादी की थी लेकिन जल्द ही उनका तलाक हो गया।

यूपीएससी 2021 रिजल्ट: श्रुति शर्मा टॉपर, पहली तीनों टॉपर महिलाएं

संघ लोक सेवा आयोग ने सोमवार को साल 2021 की सिविल परीक्षा परीक्षा के नतीज़े जारी कर दिए। श्रुति शर्मा ने टॉप किया है।


रिज़ल्ट में पहला तीन स्थान महिला उम्मीदवारों के नाम रहा है। श्रुति शर्मा के बाद दूसरे नंबर पर अंकिता अग्रवाल और तीसरे नंबर पर गामिनी सिंगला आई हैं। तीनों टॉप रैंकर के अलावा, ऐश्वर्य वर्मा ने चौथा स्थान हासिल किया है जबकि उत्कर्ष द्विवेदी पांचवें स्थान पर रहे हैं।

केंद्र सरकार में कार्मिक विभाग के मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने टॉप करने वाली तीनों महिला उम्मीदवारों को बधाई दी है।



इस प्रतिष्ठित परीक्षा में 685 उम्मीदवार कामयाब रहे हैं। यूपीएससी ने सफल होने वाले उम्मीदवारों के बारे में अभी कोई और जानकारी नहीं दी है।

संघ लोक सेवा आयोग ने बताया कि सफल उम्मीदवारों में 244 सामान्य वर्ग से, 73 ईडब्ल्यूएस, 203 अन्य पिछड़ा वर्ग, 105 अनुसूचित जाति और 60 अनुसूचित जनजाति के हैं।

संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा का हर साल आयोजन करती है। भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा और पुलिस सेवा जैसी अहम केंद्रीय सेवाओं के लिए ये परीक्षा तीन चरणों- प्रिलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू- में ली जाती है।

यूपीएससी की मुख्य या लिखित परीक्षा इस साल जनवरी के महीने में ली गई थी और अप्रैल और मई में इंटरव्यू का आयोजन किया गया था।

समाचार एजेंसी पीटीआई ने कहा है कि यूपीएससी के बयान के मुताबिक़ 80 उम्मीदवारों की दावेदारी फिलहाल प्रोविजनल रखी गई है जबकि एक उम्मीदवार का परिणाम रोक कर रखा गया है। 

सिविल परीक्षा परीक्षा के नतीज़े संघ लोक सेवा आयोग की वेबसाइट पर देखे जा सकते हैं। रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर मार्क्स जारी कर दिए जाएंगे।

कर्नाटक और आंध्रप्रदेश सरकार ने नबालिकों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लागया

हाल ही में कर्नाटक और आंध्रप्रदेश सरकार ने नबालिकों की सुरक्षा और हितों को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। ...